हिंदी कविता में अरसे तक संदिग्ध और लांछित रहा प्रेम बाबुषा की कविताओं में एक उदात्त और विलक्षण अनुभव की तरह आता है- वह देह की मिट्टी में सना, आत्मा के जल से सिंचा, सभ्यता-यात्रा की आग में सिंका और संस्कृति के कई अवयवों को समेटता एक अलग संसार बनाता है, जिसमें एक आध्यात्मिक आभा भी दिखती है और एक दुनियावी रोशनी भी।

Product
उस लड़की का नाम ब्रह्मलता है
₹220.00
हिंदी कविता में अरसे तक संदिग्ध और लांछित रहा प्रेम बाबुषा की कविताओं में एक उदात्त और विलक्षण अनुभव की तरह आता है- वह देह की मिट्टी में सना, आत्मा के जल से सिंचा, सभ्यता-यात्रा की आग में सिंका और संस्कृति के कई अवयवों को समेटता एक अलग संसार बनाता है, जिसमें एक आध्यात्मिक आभा भी दिखती है और एक दुनियावी रोशनी भी।
Add to cart
Buy Now
| Author | Baabusha Kohli / बाबुषा कोहली |
|---|---|
| Cover Type | Paperback |
| ISBN | 978-81-952549-2-7 |
| Language | Hindi |


स्वामी सुभाष सरस्वती –
बाबुषा की लेखनी जैसे आकाश और पृथ्वी को सिल देती है।
बहुत सुन्दर ❤️💖❤️🩹💝💞