किताब के बारे में : वास्तव में कविता मैं उसी बल के कारण लिखती हूँ, जिसके चलते धरती पर मेघ बरसते हैं या पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। कविता मैं उसी विधान के तहत लिखती हूँ, जिसके चलते दिन-रात घटित होते हैं और ऋतुएँ अस्तित्व में आती हैं। अंतोनियो पोर्किया का कथन है कि मैं कविताओं तक नहीं जाता, कविताएँ मुझ तक आती हैं। पोर्किया के आत्म से अनुमति ले इस मूल्यवान कथन के नीचे मैं भी हस्ताक्षर करना चाहती हूँ।
Book 1: सत्य मधुमक्खी का छत्ता है
Book 2: लौ
Book 3: उस लड़की का नाम ब्रह्मलता है
Book 4: भाप के घर में शीशे की लड़की (2nd Edition)
Author: Baabusha Kohli / बाबुषा कोहली
ISBN: 978-81-943123-7-6, 978-81-943123-2-1, 978-81-952549-2-7, 978-81-952549-0-3
Cover Type: Paperback
Language: Hindi
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