किताब के बारे में : वास्तव में कविता मैं उसी बल के कारण लिखती हूँ, जिसके चलते धरती पर मेघ बरसते हैं या पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। कविता मैं उसी विधान के तहत लिखती हूँ, जिसके चलते दिन-रात घटित होते हैं और ऋतुएँ अस्तित्व में आती हैं। अंतोनियो पोर्किया का कथन है कि मैं कविताओं तक नहीं जाता, कविताएँ मुझ तक आती हैं। पोर्किया के आत्म से अनुमति ले इस मूल्यवान कथन के नीचे मैं भी हस्ताक्षर करना चाहती हूँ।
Book Name: Khushiyon ke Guptchar / ख़ुशियों के गुप्तचर Author: Geet Chaturvedi / गीत चतुर्वेदी ISBN: 978-8194312307 Edition: 5th Edition Language: Hindi Cover Type: Paperback
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