Support: +91 9818638563
+91 8178047724

Poetry Books Collection

Poetry Books Collection

  • 5.00 out of 5

    Aakash Mein Ardhchandra / आकाश में अर्द्धचन्द्र

    5.00 out of 5
    220.00

    Book Name: Aakash Mein Ardhchandra / आकाश में अर्द्धचन्द्र
    Author: Pankaj Chaturvedi / पंकज चतुर्वेदी
    ISBN: 978-81-952549-6-5

  • 5.00 out of 5

    उस लड़की का नाम ब्रह्मलता है

    5.00 out of 5
    220.00

    हिंदी कविता में अरसे तक संदिग्ध और लांछित रहा प्रेम बाबुषा की कविताओं में एक उदात्त और विलक्षण अनुभव की तरह आता है- वह‌ देह की मिट्टी में सना, आत्मा के जल से सिंचा, सभ्यता-यात्रा की आग में सिंका और संस्कृति के कई अवयवों को समेटता एक अलग संसार बनाता है, जिसमें एक आध्यात्मिक आभा भी दिखती है और एक दुनियावी रोशनी भी।

  • 0 out of 5

    तुम हो कि मुक़द्दमा लिखा देती हो

    0 out of 5
    260.00

    तुम हो कि मुक़द्दमा लिखा देती हो

    एक ऐसे समय में जब यह मान लिया गया हो कि कविता या सरल-मति में साहित्य ही, हमारे समय के संघर्षों में हमारा बहुत साथ देने लायक नहीं रहा है—हालाँकि उससे कमतर-बदतर चीजों और लोगों से हम आस लगाये बैठे हैं—‘बूथ पर लड़ना’ सरीखी कविताएं बोध, विचार, विवेक और अनिर्णय की हमारी दुविधाजनक स्थिति को बदलती है। वह अपने भीतर जिस अन्यथा विवादास्पद तथ्य को अपना आत्म-सत्य स्वीकार कर आगे बढ़ती है, और उसके जितने आयामों को उद्घाटित करने में सफल हुई है, उसकी अपेक्षा हम हर अच्छी कविता से करते हैं—जो असल में बहुत कम मौक़ों पर पूरी होती दिखती है। इस लिहाज़ से वह इधर लिखी जा रही कविताओं में अपने तरह की अकेली है। हालाँकि बूथ जैसी सबसे छोटी इकाई पर भी प्रतिबद्ध होकर लड़नेवाले इस कवि में इस बात का भी बहुत तीखा एहसास है कि ‘बहुत सारे संघर्ष स्थानीय रह जाते हैं’!

    संख्या में बहुत अधिक कविताएँ न लिखने के बावजूद व्योमेश शुक्ल हिन्दी कविता के मानचित्र पर लगातार लक्षित किए जाते रहे हैं। इसकी वजह अपनी काव्य-भाषा, शिल्प और कहन में हासिल उनका वह नैरन्तर्य है, जिसे बहुतेरे कवि आरंभिक उठान के बाद दूर तक संभाल पाने में अक्षम साबित हुए हैं।

    दिलचस्प यह है कि कविता और वैचारिक गद्य के लिए वह लगभग एक जैसी भाषा का इस्तेमाल करते दिखते हैं और उसके प्रति बहुमुखी सजगता बरतते हैं। इसका उज्ज्वल प्रमाण है बनारस पर एकाग्र उनकी गद्य-पुस्तक ‘आग और पानी’, जिसे पढ़ते हुए एक लम्बी कविता का ही एहसास बना रहता है।

    रुख़ पब्लिकेशन्स से अब पढ़िए व्योमेश शुक्ल की सभी कविताएँ एक ज़िल्द में : ‘तुम हो कि मुक़द्दमा लिखा देती हो’।

    कवि ने हमारा आग्रह मान कर इस विशेष संग्रह के लिए 2006 से लेकर अब तक लिखी गई सभी कविताओं का पुनर्संयोजन किया है। अपनी कविता से बीज-शब्द नबेरे हैं। उसके आधार पर ही अलग-अलग खण्ड की निर्मिति हुई है और सबसे अहम् : अपनी कविताओं पर उन्होंने एक सुचिंतित वक्तव्य दिया है, जिसे पुस्तक में ‘हलफ़नामा’ शीर्षक से पढ़ा जा सकता है।

  • 0 out of 5

    2 Books Combo (उस लड़की का नाम ब्रह्मलता है + भाप के घर में शीशे की लड़की)

    0 out of 5
    480.00

    Book 1: उस लड़की का नाम ब्रह्मलता है
    Author: Baabusha Kohli / बाबुषा कोहली
    Cover Type: Paperback
    ISBN: 978-81-952549-2-7
    Language: Hindi

    Book 2: भाप के घर में शीशे की लड़की (2nd Edition)
    Author: Baabusha Kohli / बाबुषा कोहली
    Cover Type: Paperback
    ISBN: 978-81-952549-0-3
    Language: Hindi

Essay Books Collection

Essay Books Collection

  • 0 out of 5

    3 Books Combo Offer

    0 out of 5
    780.00

    Book 1: गार्जियनता
    Author: व्योमेश शुक्ल
    ISBN: 978-81-952549-4-1

    Book 2: तुम हो कि मुक़द्दमा लिखा देती हो
    Author: व्योमेश शुक्ल
    ISBN: 978-81-952549-4-1

    Book 3: आग और पानी (6th Edition) – Prebook
    Author: व्योमेश शुक्ल
    ISBN: 978-81-952549-3-4

  • 0 out of 5

    Books Combo Pack (13 Books)

    0 out of 5
    2,829.00

    Book 1: दुःख की दुनिया भीतर है

    Book 2: लौ

    Book 3: तुका आकाश जितना (संत तुकाराम की कविताएँ)

    Book 4: गार्जियनता

    Book 5: तुम हो कि मुक़द्दमा लिखा देती हो

    Book 6: आग और पानी

    Book 7: उस लड़की का नाम ब्रह्मलता है

    Book 8: ख़ुशियों के गुप्तचर

    Book 9: आकाश में अर्द्धचन्द्र

    Book 10: अधूरी चीज़ों का देवता

    Book 11: भाप के घर में शीशे की लड़की

    Book 12: उम्मीद प्रेम का अन्न है

    Book 13: सत्य मधुमक्खी का छत्ता है

  • 0 out of 5

    Adhuri Cheezon Ka Devta / अधूरी चीज़ों का देवता (3rd Edition)

    0 out of 5
    300.00

    Book Name: Adhuri Cheezon Ka Devta / अधूरी चीज़ों का देवता
    Author: Geet Chaturvedi / गीत चतुर्वेदी
    ISBN: 978-8194312314
    Edition: 3rd Edition

  • 5.00 out of 5

    आग और पानी (6th Edition) – Prebook

    5.00 out of 5
    300.00

    Author: व्योमेश शुक्ल
    Cover Type: Paperback
    ISBN: 978-81-952549-3-4
    Language: Hindi

Memoirs Books Collection

Memoirs Books Collection

  • 0 out of 5

    गार्जियनता

    0 out of 5
    220.00

    गार्जियनता का गद्य स्मृति के इकहरे संचय से नहीं, जीवन की रगड़घस से संभव हुआ है। माँ-पिता, वृहत्तर परिवार और पड़ोस ही नहीं, स्थानीयता—जो विरल ढंग से सार्वदेशिकता भी संभव करती है—उसके संघर्ष और सौंदर्य की अद्भुत समाई है इस हँसमुख-गद्य में। यह अच्छा गद्य लिखने के संकल्प से भरा हुआ गद्य है। इसलिए इसे गद्य लिखने की एक मास्टरक्लास कहना अतिशयोक्ति नहीं। — अनुराग वत्स

  • 0 out of 5

    3 Books Combo Offer

    0 out of 5
    780.00

    Book 1: गार्जियनता
    Author: व्योमेश शुक्ल
    ISBN: 978-81-952549-4-1

    Book 2: तुम हो कि मुक़द्दमा लिखा देती हो
    Author: व्योमेश शुक्ल
    ISBN: 978-81-952549-4-1

    Book 3: आग और पानी (6th Edition) – Prebook
    Author: व्योमेश शुक्ल
    ISBN: 978-81-952549-3-4

  • 0 out of 5

    Books Combo Pack (13 Books)

    0 out of 5
    2,829.00

    Book 1: दुःख की दुनिया भीतर है

    Book 2: लौ

    Book 3: तुका आकाश जितना (संत तुकाराम की कविताएँ)

    Book 4: गार्जियनता

    Book 5: तुम हो कि मुक़द्दमा लिखा देती हो

    Book 6: आग और पानी

    Book 7: उस लड़की का नाम ब्रह्मलता है

    Book 8: ख़ुशियों के गुप्तचर

    Book 9: आकाश में अर्द्धचन्द्र

    Book 10: अधूरी चीज़ों का देवता

    Book 11: भाप के घर में शीशे की लड़की

    Book 12: उम्मीद प्रेम का अन्न है

    Book 13: सत्य मधुमक्खी का छत्ता है

  • 0 out of 5

    दुःख की दुनिया भीतर है

    0 out of 5
    240.00

    मैं जब होशमंद हुआ, तब जाना कि पिता गुम्मा आदमी हैं। लेकिन माँ बताती है कि पहले वह ऐसे नहीं थे। मेरे बाल मन पर भी पिता की भिन्न छवियाँ दर्ज हैं —मज़दूरों के हक़ में खड़े रहने वाले, रिश्तेदारों के घर होने वाली शादियों में काम करने वाले, तोते, खरगोश और बकरियों में रुचि लेते, बाज़ार से भाजी के झोले उठा कर लाते, बैठक में खैनी बनाते और नहीं तो किसी को पीटते पिता! ऐसे आदमी के लिए बाद में चुप होते जाना और अपनी काया में सिमट कर जीना दुष्कर रहा होगा। — इसी पुस्तक से।

Novels Books Collection

Novels Books Collection

Dairy Books Collection

Dairy Books Collection

13 Books, One Inspiring Collection

Poetry, emotions, memories and life experiences — all in one exclusive combo pack.
₹2,829.00 ₹3,829.00 Buy Combo Pack Now
Close

Cart

No products in the cart.